मध्य प्रदेश

ऊर्जा मंत्री सक्रिय और निगम अधिकारी उदासीन

सीवेज समस्या से छुटकारा दिलाने ऊर्जा मंत्री प्रतिबध्द

ऊर्जा मंत्री तोमर की अधिकारियों को दो टूक,यही रवैया रहा तो सख्ती करने में देर नहीं लगेगी

ग्वालियर । उप नगर ग्वालियर को सीवर की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए दिन रात एक कर रहे, मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर शुक्रवार देर रात अचानक पीएचई कॉलोनी स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने पहुंच गए। रात लगभग 11 बजे ट्रीटमेंट प्लांट पर पहुंचकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने देखा कि वहां ड्यूटी पर सिर्फ एक चौकीदार मिला बाकी सब जिम्मेदार नदारद थे। स्थिति देखकर मंत्री तमतमा गए और उन्होंने मौके से ही अधिकारियों को फोन लगाकर न सिर्फ फटकार लगाई, बल्कि साफ-साफ कह दिया, अगर यही रवैया रहा, तो उन्हें सख्ती करने में देर नहीं लगेगी। ऊर्जा मंत्री तोमर द्वारा इस औचक निरीक्षण से नगर निगम में हड़कंप मच गया। कितने चिंता की बात है कि कुछ महीने पहले इंदौर में हुई जनहानि के बाद अभी भी निगम गहरी नींद में सो रहा है। प्लांट को एक कर्मचारी के हवाले कर क्या जिम्मेदार अधिकारी इंदौर जैसी किसी घटना को दौहराना चाहते हैं ? मंत्री द्वारा निरीक्षण के समय अनुपस्थित अधिकारी और कर्मचारीयों पर निगम प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम की जानकारी लेने पर निगमायुक्त का फोन रिसीव नहीं हुआ, वहीं पीआरओ मधु सोलापुरकर ने बताया कि इस संबंध में मेरे पास कोई जानकारी नहीं आई है।

समस्याओं पर मंत्री गंभीर तो उदासीन निगम


कितने ताज्जुब की बात है कि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सीवर लाइन सफाई के साथ आमजन से जुड़ी तमाम समस्याओं को प्राथमिकता पर लेकर काम कर रहे हैं। उन्होंने जन कल्याण समिति की तरफ से सुपर सकर मशीन को 3 महीनों के लिए किराए पर भी लिया है और स्वयं इस काम की नियमित मॉनीटरिंग कर रहे हैं। इतना ही नहीं इसके लिए वह खुद जहां-जहां सीवर सफाई का काम चल रहा है, मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं। वहीं निगम में बैठे हुक्मरान कागजी घोड़े दौड़ाकर इतिश्री तक सीमित दिखाई दे रहे हैं।

क्या होगी कार्रवाई ?


ऊर्जा मंत्री के औचक निरीक्षण के बाद भगवान भरोसे चल रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थिति को देखकर समझा जा सकता है कि नगर निगम में वाटर सप्लाई सीवर सफाई और स्वच्छता के कामों की धरातल पर क्या स्थिति है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इतने गंभीर मामले पर न तो निगम सरकार में बैठी महापौर की तरफ से कोई बयान सामने आया और न ही निगमायुक्त संघ प्रिय की तरफ से कोई एक्शन लिया गया।निगम को नींद से जगाने ऊर्जा मंत्री ने रात में किया ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!