प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट जल जीवन मिशन की हत्या, माल डकार गए PHE के अधिकारी
मामला भिण्ड जिले के मुकुटपुरा ग्राम की करोड़ों की लागत से बनी टंकी का
जनता को पीने का पानी देने के नाम पर करोड़ों डकार गए PHE अधिकारी

अटेर/भिण्ड,सरकार के विकास के बड़े बड़े दावे आज धरातल पर फेल नज़र आ रहे है जिसकी एक मिसाल आपको भिण्ड जिले के अटेर तहसील में आने वाले गांव की कुछ तस्वीरों से स्पष्ट हो जाएगी । जिसमें भले ही ईंट गारे से बना ढांचा जर्जर नज़र आये पर उस पर भ्र्ष्टाचार की इबारत बखूबी लिखी गयी है जिसका दर्द किसानों की आंखों में साफ देखा जा सकता है जँहा एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का सपना देख रहें हैं वंही आर के सिंह जैसे अधिकारी उनके इस सपने को अपने स्वार्थ के चलते भ्रष्टाचार की इबारत लिखने का अवसर बना रहे है और जनता को मिलने वाली पानी जैसी जरूरी चीज को भी आमजन तक नही पंहुचने दे रहे जिसके लिए सरकार जल जीवन मिशन चला रही है और अरबो रुपया खर्च कर रही है पर अधीक्षण यंत्री आर के सिंह जैसे लोगों की वजह से इस सरकारी पैसे की बंदरबाँट हो रही है और जनता बेबसी से देख कर बस रो रही है जो पैसा उनके घर व खेत तक पानी लाने वाला था वो आज भ्र्ष्टाचार की भेंट चढ़ गया आज तक मुकुटपुरा जैसे अनगिनत गांवों में एक इंच पाइपलाइन नही डाली गई कई घरों में आज भी नल से पानी नही पंहुचा क्या ऐसे ही 2047 में भारत विकसित देश बनेगा । नही यह तब तक तो सम्भव नही है जब तक आर के सिंह जैसे अधिकारी सिस्टम में है खैर यह तो प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को देखना है कि सिस्टम में किसे रखना है किसे नही पर हम अपना काम करते रहेंगे और हर उस भ्र्ष्टाचार का खुलासा यूँही करते रहेंगे ।
अधीक्षण यंत्री आर के सिंह ने किया फर्जी भौतिक सत्यापन?

भारत सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट जल जीवन मिशन के तहत भिण्ड जिले की अटेर तहसील के ग्राम मुकुटपुरा में करोड़ों को लागत से बनी पानी की टंकी कबाड़ में तब्दील हो चुकी है पंप हाउस की हालत भी खंडहर के समान हो गई है और चारों तरफ झाड़ झंखाड़ उग आए है पर यह सब अधीक्षण यंत्री आर के सिंह को शायद नही दिखा या वो देख कर भी अनदेखा कर रहे है क्योंकि जिस तरह से उन्होंने उसका भौतिक सत्यापन कर बिलों का भुगतान किया है उससे तो ऐसा ही प्रतीत होता है
मुकुटपुरा ग्राम की ग्राउंड रिपोर्ट ,कागजों में सिमटी हर घर जल योजना

आर टी आई फाउंडेशन कि टीम जब ग्राउंड जीरो पर पँहुची तो उन्होंने देखा कि भिण्ड जिले के मुकुटपुरा ग्राम में जल जीवन मिशन के तहत जो पैसा पानी की तरह बहाया गया है उसका तनिक भी फायदा ग्रामवासियों तक नही पँहुचा है ना तो खेतों तक एक बूंद पानी पँहुचा नाही घर तक पाइप लाइन, पर भुगतान पूरा हो गया उन्होंने अपनी जांच के दौरान पाया कि
* पानी की टंकी:- अधूरी सीढियां टूटी ऊपर चढ़ने के रास्ता नही
* पम्प हाउस :-सिर्फ ईंटों की दीवार ,छत नही ,अंदर झाड़ियां
* पाइपलाइन:-पुरे गांव में एक इंच भी पाइप लाइन नही
* नल कनेक्शन :-एक भी घर में नल कनेकशन नही
* हैण्डपम्प:-सुख चुका ग्रामीण बून्द बून्द के लिए मोहताज़
* भुगतान:-करोड़ो रूपये का भुगतान ठेकेदार को वो भी बिना सत्यापन
लचर सिस्टम ,आरोपी कर रहा खुद की जांच

सरकारी तंत्र की खामियों की वजह से अधिकारियों को जिस तरह से पोषण मिलता है उसका एक प्रत्यक्ष उदाहरण हमे अधीक्षण यंत्री के मामले में मिलता है जँहा तीन-तीन मंडलों का प्रभार अधीक्षण यंत्री आरके सिंह के पास है जिन पर मुकुटपुरा ग्राम में फर्जी सत्यापन के गम्भीर आरोप लगे हुए है और सबसे बड़ी विडंबना यह है कि मुख्य अभियन्ता कार्यालय में उनके पास ही प्रशासन व आर टी आई शाखा का भी प्रभार है आर टी आई फॉउंडेशन ने PHE के आर के सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट का गला घोंट कर आर के सिंह अपनी जेब भर रहे हैं टंकी कबाड़ बन गई है हैंड पम्प सुख गया फिर भी आरके सिंह ने फर्जी सत्यपन कर उनका करोड़ों का भुगतान कर दिया उसके बाद भी PHE विभाग उन पर कार्यवाही न कर उन्हें तीन तीन मंडलों का प्रभार दे कर खुद की ही जांच खुद से करवा रहा है यह सामान्य प्रशासन के निर्देशों का सीधा सीधा उल्लंघन है आर टी आई फॉउंडेशन ने मुख्य सचिव अनुराग जैन प्रमुख सचिव PHE और प्रधानमंत्री कार्यालय को फोटो-सबूतों सहित शिकायत भेजी है और मांग करी है कि
1. मुकुटपुरा के कार्यों की CBI जांच हो आर के सिंह को गिरफ्तार किया जाए।
2. फर्जी भौतिक सत्यापन कर करोड़ों का भुगतान करने वाले अफसरों से वसूली की जाये
3. आर के सिंह से तत्काल सभी प्रभार वापस लिए जाएं




