लोकनिर्माण विभाग ने किए करीब साढ़े छः करोड़ के फर्जी भुगतान?
ग्वालियर भिण्ड और मुरैना की 210 किलोमीटर की रिपेयरिंग में घोटाला

पीडब्लूडी में 6 करोड़ 31 लाख का फर्जी भुगतान-संजय दीक्षित

ग्वालियर। मध्यप्रदेश की मोहन सरकार जँहा एक ओर आमजन की सहूलियत के लिए दिन रात एक किये हुए है वंही प्रदेश सरकार की योजनाओं को मूर्तरूप देने वाले प्रदेश के कुछ कर्मचारी मुख्यमंत्री की मंशा को पलीता लगने में कोई कसर नही छोड़ रहे है कोबरा खबर ऐसे ही भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों की पोल खोलने की मुहिम चला रहा है ताजा मामला ग्वालियर भिण्ड मुरैना में करीब 210 किलोमीटर सड़क के फर्जी भुगतान से सम्बंधित है आरटीआई फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय दीक्षित ने एक अहम जानकारी हमारी टीम के साथ साझा की है जिसमें लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब 6 करोड़ 31 लाख रुपये के फर्जी भुगतान किए गए हैं उन्होंने बताया कि ग्वालियर डिवीजन में इंफ्रारेड रोड मेंटेनेंस और पॉट होल फिलिंग का कार्य के अनुबंध में सेक्शन-3 पार्ट-II के तहत ठेकेदार को विशिष्ट कार्य करने थे जिसमें पॉट होल रिपेयरिंग शोल्डर रेकटिफिकेशन रोड मार्किंग और साइनेज फिक्सिंग करनी थी विभाग द्वारा कार्य का पेमेंट बिना डिटेल मेजरमेंट ही भुगतान कर दिया गया साथ ही भुगतान बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के ही कर दिया गया जो कि आमजन के टैक्स के पैसे की बर्बादी है । एक ओर सरकार के पास शहर की रोडों की मरम्मत का पैसा नही है वंही लोक निर्माण विभाग फर्जी भुगतान कर आमजन के टैक्स के पैसे की बंदरबांट कर रहा है और जनता के बीच मुख्यमंत्री और सरकार की छवि धूमिल ही रही है
मामले की शिकायत राजभवन तक पँहुची

शिकायत कर्ता संजय दीक्षित और उनका संगठन अक्सर भ्रष्टाचार से सम्बंधित मुद्दे उठाते रहते है ना केवल उठाते रहे है बल्कि उनको यथासम्भव परिणाम तक भी पंहुचा चुका है इसी कड़ी में उन्होंने प्रमुख अभियंता के पी एस राणा से फर्जी भुगतान की जांच कराने की मांग करी है साथ ही महामहिम राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंप कर चीफ इंजीनियर को हटाने की भी मांग करी है ताकि सही तरीके से जांच हो सके और दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके तथा लोक निर्माण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का खुलासा हो सके
आरटीआई फाउंडेसन के अध्यक्ष संजय दीक्षित



