चिरुला परिवहन चेकपॉइंट प्रभारी के के गोस्वामी ने रखी मिशाल
लाख समस्यों के बीच बढ़ाया राजस्व

आयुक्त उमेश जोगा के निर्देशन में उचित क्रियान्वन से बढ़ाया 81℅ राजस्व

पत्रकार देवेन्द्र तिवारी की खबर
दतिया । एक अच्छे निर्देशन व मंशा को अच्छे
परिणाम में बदलने के लिए जो सबसे जरूरी चीज है वह है उसका उचित क्रियान्वन । इसकी एक बड़ी मिशाल तब देखने में आई जब चिरुला परिवहन चेकपॉइंट पर के के गोस्वामी ने अपने वरिष्ठ अधिकारी आयुक्त उमेश जोगा की मंशा को अपने कर्मवीर और लगनशील कनिष्ठ कर्मचारियों के सहयोग से जिस तरह से फलीभूत किया है वो काबिले तारीफ है, हुआ यूं कि जब पूरे प्रदेश में परिवहन चेकपॉइंट को लेकर अनर्गल बाते सोशल मीडिया पर प्रचारित है और ज्यादातर परिवहन कर्मचारी इसके चलते वैधानिक कार्य करने में अत्यधिक तनाव में नज़र आ रहे हैं वंही चिरुला चेकपॉइंट के प्रभारी ने पिछले पंद्रह दिवस में तुलनात्मक रूप से पिछले वर्ष की तुलना में 81 प्रतिशत अधिक की चालानी कार्यवाही की जँहा पिछले वर्ष 1 अप्रैल 2025 से 15 अप्रैल 2025 के बीच 7लाख 54 हज़ार 500 रुपया का राजस्व चालान के माध्यम से प्राप्त हुआ था वंही 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच 201 चालान के माध्यम से 13 लाख 66 हज़ार 500 रुपया का राजस्व प्राप्त हुआ है यह सीधे तौर पर उन कर्मचारियों के लिए एक मिसाल है जो ट्रक चालकों के रवैये और सोशल मीडिया के माध्यम से बनने वाले दबाब के चलते चालानी कार्यवाही करने में असमर्थता जता रहे है उन्हें चिरुला चेकपॉइंट से सबक लेना चाहिए और अपने आयुक्त महोदय की मंशा की पूर्ति के लिए मिल रहे निर्देशन का उचित क्रियान्वन करना चाहिये ताकि न केवल प्रदेश का राजस्व बढ़ाया जा सके अपितु हाईवे पर ओवरलोडिंग व वाहनों के नियम सम्मत न चलने से होने वाले हादसों को भी रोक जा सके ।
परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के कर्मचारियों को सपोर्ट से बढ़ा है परिवहनकर्मियों का मनोबल

उमेश जोगा ने जबसे परिवहन आयुक्त की कुर्सी संभाली है तब से ही वह प्रयासरत्त हैं कि किसी न किसी तरह से परिवहन विभाग की पूर्व में हुई धूमिल छवि को सुधारा जा सके और जो अवैध वसूली का तमगा परिवहन विभाग को मिला हुआ है उसे हटाया जा सके । इसके लिए सबसे पहली प्रथमिकता आयुक्त जोगा की अपने कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने की है जोकि लगातार सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार के चलते काफी गिर रहा है उन्होंने अपने आदेश और निर्देशों के माध्यम से परिवहन कर्मियों को संबल दिया है और हर स्तिथि में आयुक्त महोदय द्वारा सपोर्ट करने के विश्वास ने उन्हें निर्भीकता से कार्य करने के लिए प्रेरित किया है उसी का नतीजा है कि चिरुला जैसे छोटे चेकपॉइंट भी अपने पूर्व वर्ष के रिकॉर्ड को तोड़ रहे है और चालानी कार्यवाही के माध्यम से विभाग के राजस्व को बढ़ाने में अपना पूर्ण सहयोग दे रहे है जब एक अधिकरी अपने कर्मचारियों को सपोर्ट के लिए पूरी तरह तैयार रहता है तो कर्मचारी भी अपना उत्तम देने से पीछे नही हटते । पर यह अभी शुरुआती दौर है और जिस तरह से वाहन चालक व कुछ सोशल मीडिया वीर परिवहन विभाग के पीछे पड़े हैं उससे तो लगता है कि अभी आयुक्त परिवहन को बहुत काम करना बाकी है और सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाये जा रहे दुष्प्रचार के काउंटर के लिए भी कोई नीति बनानी चाहिए ताकि दुष्प्रचार से आम जन मानस में विभाग की छवि खराब न हो ।




