पर्यावरण दिवस पर सरकारी दावों की पोल खोलती तस्वीरें
ग्वालियर बाईपास के नाम पर पँहुचाया जा रहा पर्यवरण को नुकसान

विश्व पर्यावरण दिवस पर तीन तस्वीरों ने खोली NHAI की पोल: पोस्टर में नारा, ग्राउंड पर JCB, आसमान से दिखी तबाही

ग्वालियर, । विश्व पर्यावरण दिवस पर तीन तस्वीरें ग्वालियर बायपास परियोजना के नाम पर हो रहे पर्यावरण विनाश की पूरी कहानी बयां कर रही हैं। ये तस्वीरें NHAI प्रशासन और खनिज विभाग के संरक्षण के आरोपों को भी पुख्ता करती हैं। साथ ही शहर में चल रहे अवैध खनन को भी सामने लाती है हर आइए तस्वीर की हकीकत आपको दिखाते है
तस्वीर-1: विडंबना का पोस्टर

यह विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का पोस्टर है जिसमें एक तरफ पोस्टर में धरती को कचरे से बचाकर हरियाली से जोड़ने का संदेश है। क्या वास्तव में शासन प्रशासन की मंशा पर्यावरण को संरक्षित करने की है हमारी टीम के द्वारा ग्राउंड जीरो से ली गई तस्वीरें तो बिल्कुल इसका उलट दर्शा रहा है की शासन की मंशा तो ग्वालियर शहर को विकास के नाम पर उजाड़ देने की है
तस्वीर-2: ग्राउंड जीरो से सबूत

[BharatBenz डंपर UP32QN8931 और Komatsu JCB की फोटो]
मौके की इस एक्सक्लूसिव फोटो में *पीले रंग का BharatBenz डंपर नंबर UP32QN8931* और *Komatsu की JCB* सरकारी जमीन खोदते साफ दिख रही हैं। आरोप है कि ये मिट्टी “हिलवे ज कंपनी” द्वारा NHAI की ग्वालियर बायपास परियोजना में डाली जा रही है। क्या यह प्रमाण नही है कि किस कदर हिलवेज जैसी कम्पनियाँ सरकारी तंत्र में बैठे भ्रष्ट आधिकारियों की सांठ-गांठ से पर्यावरण का क्षरण कर रही है और इसके लिए उन्हें कोई भय नही है
तस्वीर-3: आसमान से तबाही का मंजर

[रायपुर बांध कैचमेंट एरिया का एरियल शॉट]
यह एरियल फोटो दिखा रही है कि रायपुर बांध के पूरे कैचमेंट एरिया को 20-25 फीट गहरे गड्ढों में बदल दिया गया है। जंगल के बीच मिट्टी के टीले और गंदे पानी के तालाब बन गए हैं। यह सिंचाई विभाग की जमीन है जहां 5 गांवों की 2000 एकड़ सिंचाई टिकी है। पर इससे भी कोई फर्क इन भ्रष्ट अधिकारियों को नही पड़ता क्योंकि इनकी आंखों पर नोटों की पट्टी जो बंधी हुई है और पर्यावरण तो केवल किताबी और दिखावटी चीज़ है । सोशल मीडिया पर बड़े बड़े अधिकारी व नेता हाथ में पौधा लेकर फ़ोटो खींचा कर पर्यावरण दिवस पर अपनी खानापूर्ति कर देंगे और हो भी क्यों ना साहब आखिर में तो सोशल मीडिया पर ही लाइक और वाहवाही वाले कमेंट आएंगे बाकी पर्यावरण बचाने से कौनसा फायदा होना है खैर कुछ लोग है जो वास्तव में पर्यावरण बचना चाहते है तो वो अपना काम चुपचाप कर रहे है
प्रधानमंत्री कार्यालय के PG पोर्टल पर शिकायत दर्ज

RTI फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय दीक्षित का कहना है, “पहली तस्वीर सरकार की कथनी है, दूसरी-तीसरी तस्वीर NHAI की करनी है। ग्राउंड फोटो में डंपर का नंबर UP32QN8931 है। एरियल फोटो में तबाही का स्केल दिख रहा है। ये NHAI और खनिज विभाग का खुला संरक्षण है। इस पूरे मामले की शिकायत PMO के PG पोर्टल पर *रजिस्ट्रेशन नंबर PMOPG/D/2026/0101332* से दर्ज हो चुकी है। CBI जांच और FIR की मांग की गई है।



