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Umesh joga is back

उज्जैन आई जी उमेश जोगा ने भोपाल में लिया परिवहन आयुक्त का पदभार

ग्वालियर से देवेन्द्र तिवारी की खबर।
ग्वालियर। मध्यप्रदेश प्रदेश में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद उज्जैन के आई जी उमेश जोगा की एक बार फिर परिवहन विभाग में वापसी हो गयी है पूर्व में वह परिवहन विभाग में अतिरिक्त आयुक्त प्रवर्तन रह चुके हैं पूर्व कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई बड़े बदलाब विभाग में किये जो आज मील का पत्थर साबित हो रहे है अब एक बार फिर जब विभाग चेकपॉइंट और उड़नदस्तों के वसूली के आरोपों के चलते सुर्खियों में बना हुआ है तो प्रदेश के मुख्यमंत्री को ने फिर एक बार उमेश जोगा पर दांव खेला है आये दिन हो रहे अवैध वसूली के वीडियो और एक बार फिर से विभाग में सक्रिय होता ब्लैकमेलर मीडिया, पर लगाम लगाना उमेश जोगा की प्राथमिकी में होगा और वह पहले भी यह कर चुके है इसलिये यह काम उनके लिए मुश्किल भी नही है बस देखना यह है कि जिस तरह निर्भीक निष्पक्ष और तेवर के साथ उन्होंने अतिरिक्त आयुक्त के तौर पर विभाग में काम किया था क्या इसी तरह के कलेवर में वे आयुक्त के तौर पर भी दिखेंगे।
परिवहन विभाग में गुजरात मॉडल की तर्ज पर रखी थी उमेश जोगा ने बदलाव की नींव

परिवहन विभाग में बतौर अतिरिक्त आयुक्त प्रवर्तन रहते हुए वैसे तो कई बदलाव उन्होंने किये पर जो बदलाव सबसे ज्यादा चर्चा में रहा वह था गुजरात मॉडल के तर्ज पर चेकपोस्ट बंद कर चेकपोइंटों की शुरुआत । इन बदलावों को लेकर सबसे बड़ी चुनौती उनके सामने यह थी कि ना तो ट्रांसपोटर्स इसके लिए तैयार थे ना ही परिवहन विभाग का पर यह उमेश जोगा का ही कारनामा था कि न केवल उन्होंने इस मॉडल को बनाया बल्कि तमाम परेशानियों को दर- किनार कर इसे सुचारू रूप से लागू भी किया । आज उसी का परिणाम है कि विभाग से एक पुरानी बीमारू व्यवस्था का अंत हुआ और एक नई कारगर और स्वच्छ व्यवस्था लागू हुई लगता है मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री ने जोगा की इसी काबलियत के चलते ही फिर से विभाग में उनकी आमद पूरी पावर देकर कराई है
परिवहन सिंडिकेट में उमेश जोग के आने से हड़कंप
जिस तरह से उमेश जोगा ने अतिरिक्त आयुक्त प्रवर्तन रहते हुए परिवहन सिंडिकेट व पत्रकारों के गठबंधन को तार-तार किया था उसके चलते जैसे ही परिवहन सिंडिकेट यह पता चला कि उमेश जोगा फिर एक बार विभाग में बतौर आयुक्त वापसी कर रहे हैं तो वे सकते में आ गए हैं चुपके चुपके परिवहन सिंडिकेट व पत्रकार जो नई व्यवस्था में अपनी पैठ बनाने का प्रयास कर रहे थे वे अचानक से ठहर गए है और कुछ रेवड़ियां पाने वाले पत्रकार तो सीधे व्यवस्था को ही गरियाने लगे हैं अब साहब देखने वाली बात यह है कि जब उमेश जोगा सीट पर बैठेंगे तो यह परिवहन सिंडिकेट के गठजोड़ वाले क्या क्या करतूत काली स्याही से उकेरेंगे पर यह भूल गए कि पहले भी कोबरा खबर ने उनकी बेतुकी खबरों कि पोल खोली थी और फिर हमने कमर कस ली है सच के तराजू पर तोल कर खबर आएगी न केवल विभाग को अपितु खबरचियों की खबर पर भी हमारी नज़र रहेगी
